देवी चन्द्रघंटा की पूजा का दिन ..नवरात्र का तीसरा दिन
और आज सुबह सुबह कोहरे की घनी चादर देख कर विचार आया की अब की बार कितना जाड़ा होगा |
और आज है तारीख 10 / 10 / 10 .. 1000 साल बाद ये तारीख आई है ... और जब होगा 10 / 10/. 10 10:10 a:m 10 / 10/ 10 10:10 p:m ...देखें क्या ख़ास होता है
शुभप्रभात ....
दिन भर में क्या होता है.. रात को देखूंगी.. अरे अब ये ना समझिएगा की रात को देखने का मतलब उल्लूक आँखे .. आज कल तो बहुत सारी रौशनी से चकमकाती चुंधियाती रात होती है ..लेकिन दिन भर का देखने के लिए रात की रोशनी नहीं चाहिए... मन की आँखों से मनन होगा .. क्या अच्छा हुवा क्या बुरा .. समझा जाएगा ... पर कम्प्यूटर में डालने के लिए तो बिजली चाहिए... अब लिखूंगी की क्या क्या हुवा दिन भर
अब क्या हुवा ..कुछ ख़ास नहीं... रिश्तेदारी थे..ननद और उनके पतिदेव .. भतीजे भतीजी ( सौरभ और सुच्ची ).. और बहन के परिवार वाले ( दिप्पी के जेठ जी घिल्डियाल जी और साथ में देहरादून के अभियंता )तो दिन मिलने मिलाने में अच्छा गुजरा .. जल्दी में लिखा ..क्यूंकि १२:00 रात्री हो गयी है .. बाई बाई .... स्वागत है नए दिन का ११ / १० /2010
Welcome 11 / 10/2010
अब क्या हुवा ..कुछ ख़ास नहीं... रिश्तेदारी थे..ननद और उनके पतिदेव .. भतीजे भतीजी ( सौरभ और सुच्ची ).. और बहन के परिवार वाले ( दिप्पी के जेठ जी घिल्डियाल जी और साथ में देहरादून के अभियंता )तो दिन मिलने मिलाने में अच्छा गुजरा .. जल्दी में लिखा ..क्यूंकि १२:00 रात्री हो गयी है .. बाई बाई .... स्वागत है नए दिन का ११ / १० /2010
Welcome 11 / 10/2010





